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संघ में दण्ड का प्रयोग क्यों शुरू हुआ, डॉ. हेडगेवार और डॉ. मुंजे

संघ में दण्ड का प्रयोग क्यों शुरू हुआ? जानिए इसका इतिहास

संघ में दण्ड का प्रयोग क्यों और कब से शुरू हुआ? राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में संघ में दण्ड का प्रयोग केवल शारीरिक प्रशिक्षण का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, आत्मरक्षा और संगठनात्मक चेतना का भी प्रतीक माना जाता है। इसके पीछे एक ऐतिहासिक पृष्ठभूमि है, जो वर्ष 1924 की घटनाओं और डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार तथा…

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आस्था को लांछित करने का कुचक्र

आस्था को लांछित करने का कुचक्र

आचार्य मिथिलेशनन्दिनीशरण पीठाधीश्वर, सिद्धपीठ श्रीहनुमन्निवास, अयोध्याrasikopasna@gmail.com                   संस्कृतियाँ स्मृतियों से अपना परिष्कार करती हैं। ये स्मृतियाँ अनुभवों के साथ चलती हैं। संकल्प के-सिद्धि के, संघर्ष के-सफलता के अगणित कथानक मनुष्यता के स्मृति-कोष में अनादि काल से संरक्षित हैं। हमारी आस्था इन्हीं स्मृतियों से जीवनी शक्ति प्राप्त करती है। मनुष्यता के विरुद्ध चला आता अमानवीय संघर्ष…

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दिल्ली का गुप्त अभियान से जुड़ा विभाजन काल का ऐतिहासिक संस्मरण

विभाजन से पहले दिल्ली में संघ का गुप्त अभियान: दुर्लभ संस्मरण

प्रस्तावना: दिल्ली का गुप्त अभियान दिल्ली का गुप्त अभियान भारत विभाजन से पहले की पुरानी दिल्ली से जुड़ा एक चर्चित संस्मरण है। उस समय राजधानी के अनेक क्षेत्रों में सांप्रदायिक तनाव का वातावरण था और सामान्य नागरिकों का जीवन भी इससे प्रभावित हो रहा था। विशेष रूप से जामा मस्जिद, दरीबा कलां और आसपास के…

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इंडोनेशिया में भारतीय संस्कृति और रामायण की परंपरा

इंडोनेशिया में भारतीय संस्कृति की अमिट छाप: लालकृष्ण आडवाणी और विद्यानिवास मिश्र के संस्मरण

इंडोनेशिया में भारतीय संस्कृति आज भी अनेक सांस्कृतिक परंपराओं, ऐतिहासिक स्थलों और सामाजिक जीवन में दिखाई देती है। पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी तथा प्रख्यात साहित्यकार विद्यानिवास मिश्र ने अपनी यात्राओं के दौरान ऐसे कई अनुभव साझा किए, जिनमें रामायण, महाभारत और संस्कृत परंपरा के प्रभाव का उल्लेख मिलता है। इन संस्मरणों के माध्यम से इंडोनेशिया…

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय प्रान्त प्रचारक बैठक बेलगावी

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय प्रान्त प्रचारक बैठक बेलगावी में शुरू

बेलगावी (कर्नाटक)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय प्रान्त प्रचारक बैठक कर्नाटक के बेलगावी में आज सुबह शुरू हुई। बैठक में पू. सरसंघचालक डा. मोहन भागवत जी, मा. सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी, सभी सह सरकार्यवाह, अखिल भारतीय कार्य विभाग प्रमुख, सह प्रमुख, कार्यकारिणी सदस्य, क्षेत्र प्रचारक, सह क्षेत्र प्रचारक तथा सभी 46 प्रांतों के प्रांत…

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पद्म श्री अंके गौड़ा: जिस व्यक्ति ने अपना घर नहीं, पूरा जीवन पुस्तकों को समर्पित कर दिया… उन्हें मिला पद्म श्री।

पद्म श्री अंके गौड़ा: पुस्तकों के लिए समर्पित जीवन, समाज के लिए प्रेरणा का प्रकाश

आज जब दुनिया मोबाइल स्क्रीन पर सिमटती जा रही है, तब कर्नाटक के एक साधारण किसान परिवार से निकले पद्म श्री अंके गौड़ा ने यह साबित कर दिया कि किताबें केवल ज्ञान का स्रोत नहीं, बल्कि समाज को बदलने की सबसे बड़ी शक्ति हैं। अंके गौड़ा ने न तो कोई बड़ी राजनीतिक शक्ति पाई, न…

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लाहौर में हिन्दू नेताओं की बैठक : चौ. छोटूराम की आशंका

जनवरी 1947 में संघ की ओर से लाहौर में हिन्दू ने. ताओं की एक बैठक बुलायी गई थी, जिसमें पंजाब मन्त्रीमण्डल के कई हिन्दू मन्त्री भी उपस्थित थे। उनमें कुछ कांग्रेसी भी थे। इस बैठक में चौधरी छोटूराम ने कहा था- “जब तक यूनियनिस्ट पार्टी की सरकार है, विभाजन नहीं हो सकता। लेकिन मुझे खतरा…

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गलती के लिए प्रायश्चित जरूरी

गलती के लिए प्रायश्चित जरूरी

अपूर्ण संसार की उपज होने के नाते हम सभी अपूर्ण हैं। हम सबने कोई-न-कोई गलती की है। कुछ बातों का हमें पश्चाताप होता है- वे काम जो हमने किए हैं या वे काम जो हमने नहीं किए। प्रायश्चित की सच्ची भावना के साथ अपनी गलतियों को स्वीकार करना हमें जीवन में सन्मार्ग पर चलने और…

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महर्षि सिंगारु का त्याग

भगवान राम का तिल दान

लंकाधीश, असुरपति रावण को मारने के बाद भगवान राम लंका से अयोध्या वापिस लौटकर आए। महर्षि वसिष्ठ ने राम को सुझाव दिया कि वे किसी व्यक्ति को तिल का दान दें, क्योंकि उन्होंने रावण के साथ युद्ध में सैकडों व्यक्तियों को मारा था। तिल दान में लेने वाले व्यक्ति को चूंकि दान के परिणामों को…

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विभाजन से पूर्व पंजाब में संघ की निर्णायक तैयारी

विभाजन से पूर्व पंजाब में संघ की निर्णायक तैयारी

कांग्रेस नेता विभाजन को स्वीकार कर लेने वाले हैं अर्थात पाकिस्तान अब बनने ही वाला है, यह जानकारी मिलते ही वसन्तराव जी तुरन्त हवाई जहाज से दिल्ली से नागपुर पहुँचे। वहाँ उन्होंने सरसंघचालक श्री गुरुजी को यह बताया। श्री गुरुजी ने कहा कि “गान्धीजी के होते हुए ऐसा नहीं हो सकता, वे विभाजन कभी स्वीकार…

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