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आज काशी चढ़ाएगी बाबा को शगुन की हल्दी, दूल्हा रूप में सजेंगे श्रीविश्वनाथ

आज काशी चढ़ाएगी बाबा को शगुन की हल्दी, दूल्हा रूप में सजेंगे श्रीविश्वनाथ

महाशिवरात्रि से पहले काशी में बाबा विश्वनाथ के शिव विवाह की रस्में शुक्रवार को सगुन हल्दी के साथ शुरू होंगी। बांसफाटक से हल्दी की पारंपरिक यात्रा टेढ़ीनीम स्थित महंत आवास पहुंचेगी, जहां बाबा की पंचबदन चल प्रतिमा पर हल्दी अर्पित की जाएगी। सारंगनाथ से ससुरालीजन भी इस अनुष्ठान में शामिल होंगे। विशेष पूजन और भव्य…

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राहुल बनकर हिंदू लड़कियों को जाल में फंसाता था कमरू

राहुल बनकर हिंदू लड़कियों को जाल में फंसाता था कमरू

*नौकरी लगवाने की बात पर लाता था और करता था दुष्कर्म *आरोपित की तलाश में दो जिलों में गोमतीनगर पुलिस की दबिश राहुल बनकर हिंदू लड़कियों को निशाना बनाने वाले कमरू की तलाश में गोमतीनगर पुलिस दो बाराबंकी और अमेठी में दबिश दे रही है। कमरू ने लखनऊ के साथ-साथ कई राज्यों में नेटवर्क फैला…

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जब डराने वाले ही डर गए थे

जब डराने वाले ही डर गए थे

1946 के सैन्य विद्रोह से कांप गई ब्रिटिश सत्ता 80 वर्ष पूर्व 1946 में अंग्रेजी शासन के विरुद्ध हुआ सैन्य विद्रोह स्वाधीनता संग्राम का अंतिम युद्ध माना जाता है। सेना व पुलिस के बल पर ही अंग्रेज शासन करते थे और उनके बल पर ही 1857 के सशस्त्र स्वाधीनता संग्राम, 1920-22 के असहयोग आंदोलन एवं…

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श्री गुरुजी का सामाजिक दर्शन – अस्पृश्यता का उपचार

श्री गुरुजी का सामाजिक दर्शन – अस्पृश्यता का उपचार

अस्पृश्यता रोग की जड़ जन सामान्य के इस विश्वास में निहित है कि यह धर्म का अंग है और इसका उल्लंघन महापाप होगा। यह विकृत धारणा ही वह मूल कारण है, जिससे शताब्दियों से अनेक समाज- सुधारकों, धर्माचार्यों के समर्पित प्रयासों के बाद भी यह घातक परम्परा जनसामान्य के मन में आज भी घर किए…

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श्री गुरुजी का आर्थिक चिंतन : पश्चिमी राष्ट्रों का लक्ष्य केवल भौतिक सुख

श्री गुरुजी का आर्थिक चिंतन : पश्चिमी राष्ट्रों का लक्ष्य केवल भौतिक सुख

मनुष्य जीवन का लक्ष्य क्या है? अथवा मनुष्य अपने सामने जीवन का लक्ष्य कौन सा रखे? इस बारे में लगभग सभी लोगों का मत है कि सुख ही मनुष्य जीवन का लक्ष्य है। परंतु, प्रश्न यह है कि सुख से आशय क्या है और मनुष्य को यह सुख कैसे मिल सकता है? इस सम्बन्ध में…

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महर्षि दयानन्द सरस्वती: वैदिक नवजागरण के अग्रदूत

महर्षि दयानन्द सरस्वती: वैदिक नवजागरण के अग्रदूत

जिस समय केशवचन्द्र सेन ब्रह्मसमाज के प्रचार में संलग्न थे उसी समय मथुरा स्थित दण्डी स्वामी विरजानन्द की कुटी से एक तेजस्वी संन्यासी निकला, जिसने विद्वानों का समाज को वेदार्थ और शास्त्रार्थ के लिए ललकारा यह संन्यासी स्वामी दयानन्द सरस्वती थे। उनका जन्म मूल नक्षत्र में होने के कारण नाम मूलशंकर रखा गया। अत्यन्त मेधावी…

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गुणवत्तापूर्ण समाज से ही राष्ट्र बलशाली बनता है - डॉ. मोहन भागवत जी

गुणवत्तापूर्ण समाज से ही राष्ट्र बलशाली बनता है – डॉ. मोहन भागवत जी

जऊलके (ता. दिंडोरी, जि. नासिक), 10 फरवरी। जऊलके स्थित आर्मस्ट्रांग रोबोटिक्स एंड टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड में आयोजित शिक्षा संस्थानों के प्रमुखों से स्नेह संवाद कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि “एक संवेदशील मनुष्य के निर्माण की प्रक्रिया में शिक्षा की भूमिका बहुत महत्त्वपूर्ण होती है। गुणवत्तापूर्ण समाज…

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धर्म के आचरण से ही मानव जाति का कल्याण संभव – डॉ. मोहन भागवत जी

धर्म के आचरण से ही मानव जाति का कल्याण संभव – डॉ. मोहन भागवत जी

चांदवड तहसील के ‘णमोकार’ में पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव; विविधता में एकता ही भारत की शक्ति मलसाणे (णमोकार) जिला नासिक, १० फरवरी। मलसाणे (तहसील चांदवड) स्थित ‘णमोकार’ तीर्थक्षेत्र में आयोजित दिगंबर जैन पंथ के अंतरराष्ट्रीय पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि “धर्म का मार्ग छोड़कर भौतिकवाद…

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एक क्लिक में मिलेगा इतिहास, अहम दस्तावेज हो रहे डिजिटल

एक क्लिक में मिलेगा इतिहास, अहम दस्तावेज हो रहे डिजिटल

राम मंदिर से जुड़े 75 फीसदी ऐतिहासिक दस्तावेजों के डिजिटलीकरण का काम पूरा अयोध्या। राम मंदिर से जुड़े ऐतिहासिक और कानूनी दस्तावेजों को संरक्षित करने के लिए डिजिटलीकरण किया जा रहा है। राम जन्मभूमि आंदोलन और मंदिर निर्माण से संबंधित महत्वपूर्ण अभिलेखों को डिजिटल करने का कार्य तेजी से चल रहा है, जिसमें अब तक…

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समाज संगठित और गुणवान बनेगा, तभी देश में परिवर्तन होगा – डॉ. मोहन भागवत जी

समाज संगठित और गुणवान बनेगा, तभी देश में परिवर्तन होगा – डॉ. मोहन भागवत जी

                मुंबई, 07 फरवरी 2026। संघ शताब्दी वर्ष के निमित्त आयोजित व्याख्यानमाला में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि संघ समाजरूप संगठन खड़ा करना चाहता है। समाज संगठित और गुणवान बनेगा, तभी देश में परिवर्तन आएगा। नेता–नारा–नीति–पार्टी–अवतार–सरकार–विचार–तत्वज्ञान ये सभी बातें सहायक हैं, समाज इन सभी का मालिक है। इसलिए…

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