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अमेरिका में हिन्दू दर्शन – जन्मभूमि के मूल्यों के साथ कर्मभूमि में कार्य करें

29 अगस्त को न्यूयॉर्क के मैनहटन स्थित मेडिसन स्क्वायर गार्डन में आयोजित कार्यक्रम विराट था, भव्य था, दिव्य था, अद्भुत था, अवर्णनीय था..! प्रस॔ग था, ‘एक विश्व – एक मानवता उत्सव’ (Universal Oneness Celebration)। मेडिसन स्क्वायर गार्डन के इंफोसिस थिएटर की अधिकतम आसन क्षमता 5,570 है। यह विशाल सभागार पूरा भरा हुआ था। अनेक आगंतुक/आमंत्रित…

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कार्पोरेट जिहाद: कई कम्पनियों में चल रहा धर्मान्तरण का खेल

कार्पोरेट जिहाद: कई कम्पनियों में चल रहा धर्मान्तरण का खेल

गर आपको लगता है कि आपके बगल में बैठा अब्दुल सेक्युलर है। सभी धर्म को समान रूप से देखा है। उसके सोशल मीडिया पोस्ट भी यही कहते हैं, तो यह आँखों का धोखा हो सकता है। हाल ही में नासिक टीसीएस की घटना ने झकझोड़कर रख दिया। इसके बाद अन्य कम्पनियों के भी हिन्दुओं के…

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मैंने देखा इच्छामरण

मैंने देखा इच्छामरण

सबेरे का समय, चाय-पान का वक्‍त, पूजनीय श्री गुरुजी के कमरे में (उसे कोठरी कहना ही अधिक उपयुक्त होगा) जब हम लोग प्रविष्ट हुए तब वे कुर्सी पर बैठे थे। चरण स्पर्श के लिए हाथ बढाए। सदैव की भाँति पॉव पीछे खींच लिए। मेरे साथ आए स्वयंसेवकों का परिचय हुआ। उनमें आदिलाबाद के एक डॉक्टर…

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साढ़े तीन की चाय पर चर्चा...

साढ़े तीन की चाय पर चर्चा…

चाय के बारे में बात करें तो परमपूजनीय डॉ. हेडगेवार तो चाय को ‘संघ का अधिकृत पेय’ कहते थे। महाल स्थित डॉ. हेडगेवार भवन के रसोईघर में दोपहर साढ़े तीन बजे चाय की घंटी बजती है। उस समय कार्यालय परिसर में उपस्थित सभी जन, अतिथि, आगंतुक, निवासी प्रचारक चाय पीने के लिए एकत्रित हो जाते…

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गौ शवों से पट गया था स्वर्ण मंदिर का सरोवरः अब्दाली ने किया 30000 सिखों का नरसंहार, जाने वड्डा घल्लुघारा का इतिहास

गौ शवों से पट गया था स्वर्ण मंदिर का सरोवरः अब्दाली ने किया 30000 सिखों का नरसंहार, जाने वड्डा घल्लुघारा का इतिहास

वड्डा घल्लुघारा भारतीय इतिहास के सबसे काले और दुःखद अध्यायों में से एक है। 5 फरवरी, 1762 को सिखों को अहमद शाह दुर्रानी उर्फ अहमद शाह अब्दाली के हाथों एक विनाशकारी नरसंहार का सामना करना पड़ा। सिखों को पूरी तरह से समाप्त करने के इस सुनियोजित प्रयास के परिणामस्वरूप हजारों लोगों का कत्लेआम हुआ, जिसने…

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जनसाधारण के माध्यम से परिवर्तन की प्रक्रिया है ‘संघ – सुनील आंबेकर जी

जनसाधारण के माध्यम से परिवर्तन की प्रक्रिया है ‘संघ – सुनील आंबेकर जी

पुणे। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर जी ने कहा कि “हिन्दू समाज में व्याप्त दोषों के परिपूर्ण उपाय के रूप में डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की। संघ यद्यपि व्यापक सामाजिक परिवर्तन के लिए कार्यरत है, फिर भी यह प्रक्रिया अत्यंत स्वाभाविक और साधारण है।…

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भूपेन हजारिका : संघर्ष से शिखर तक पहुंचने की प्रेरक कहानी

भूपेन हजारिका : संघर्ष से शिखर तक पहुंचने की प्रेरक कहानी

भूपेन हजारिका का जन्म 8 सितंबर 1926 को असम में हुआ था। हजारिका 10 भाई-बहनों में सबसे बड़े थे। अपनी मां को देखकर उन्हें गाने की प्रेरणा मिली थी। भूपेन का बचपन गुवा‌हाटी में बीता। 10 साल की उम्र में वो असमिया भाषा में गाने गाते थे। फिल्म मेकर ज्योतिप्रसाद अग्रवाल ने उनकी आवाज सुनी…

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हमारे आचरण से किसी भी जीव को कष्ट नहीं पहुँचना चाहिए : क्षेत्र कार्यवाह

हमारे आचरण से किसी भी जीव को कष्ट नहीं पहुँचना चाहिए : क्षेत्र कार्यवाह

लखनऊ : राजभवन परिसर में आयोजित “विश्व णमोकार महामंत्र दिवस” कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र कार्यवाहक डॉ. वीरेंद्र जायसवाल ने अपने प्रेरक संबोधन में मानव जीवन में करुणा, त्याग और अहिंसा के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने महावीर स्वामी के जीवन प्रसंगों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका जीवन त्याग, साधना और…

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जब श्रीगुरुजी को माँ भगवती के प्रत्यक्ष साक्षात्कार हुए

जब श्रीगुरुजी को माँ भगवती के प्रत्यक्ष साक्षात्कार हुए

पूजनीय गुरुजी को साक्षात्कार हुआ था या नहीं इस सम्बन्ध में महाराष्ट्र के एक सन्त श्री दत्ता ने अपनी श्रद्धांजलि सभा में कहा- मेरे व्याख्यानों का कार्यक्रम जब नागपुर में आयोजित हुआ, तब मैंने देखा कि एक दाढ़ी-मूँछ व लम्बे केश वाले सज्जन कार्यक्रम में आये हैं। मैंने अपने साथियों से पूछा कि वे कौन…

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गुरुजी गोलवलकर : एक असाधारण व्यक्तित्व

गुरुजी गोलवलकर : एक असाधारण व्यक्तित्व

आज से ठीक 6 वर्ष पूर्व एक वर्षा-आँधी वाली रात मेरे एक सहयोगी ने मुझे फोन किया और पूछा कि क्या श्री गुरुजी गोलवलकर जी की डॉक्टरी परीक्षा करने का समय दे सकता हूँ। अगले प्रातः मैं उन्हें देखने चल दिया। कार की गति के साथ अनेक विचार भी मेरे मस्तिष्क में दौड़ रहे थे।…

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