श्रीगुरुजी को संन्यासी जीवन से वापस खींच लाया संघ कार्य
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के द्वितीय सरसंघचालक माधव सदाशिवराव गोलवलकर उपाख्य ‘श्रीगुरुजी’ के जीवन का एक दौर ऐसा भी है, जब वे दुनियादारी छोड़कर अध्यात्म के मार्ग पर संन्यासी हो गए। लेकिन उनकी नियति और संघ कार्य की आवश्यकता उन्हें पुन: राष्ट्रीय आंदोलन में खींच लाई। संघ कार्य को विस्तार देते हुए भी उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन…