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संगठित और संयमित समाज ही राष्ट्र को परम वैभव की ओर ले जा सकता है - प्रदीप जोशी जी

संगठित और संयमित समाज ही राष्ट्र को परम वैभव की ओर ले जा सकता है – प्रदीप जोशी जी

हिन्दू समाज का जागरण एवं संगठन ही संघ का उद्देश्य जौनपुर। तिलकधारी महाविद्यालय के प्रांगण में आयोजित विराट हिन्दू सम्मेलन में मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सह प्रचार प्रमुख प्रदीप जोशी जी ने कहा कि भारत की संस्कृति वसुधैव कुटुम्बकम एवं सर्व धर्म समभाव की है। यह व्यक्तिमंगल से विश्वमंगल की संस्कृति…

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Pahalgam Terror Attack : वैश्विक जगत भारत के साथ वहीं भारत के विरोधी दल देश के गुनाहगारों के साथ

कांग्रेस सहित विपक्ष के सभी नेता और प्रवक्ता टीवी चैनलों तथा सार्वजनिक मंचों पर जिस प्रकार की बयानबाजी कर रहे हैं उससे स्पष्ट है इनको देश से कोई मतलब नहीं है बस अपने वोट बैंक को खुश करना है भले ही देश की सुरक्षा को दांव पर क्यों न लगाना पड़े।

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कार्पोरेट जिहाद: कई कम्पनियों में चल रहा धर्मान्तरण का खेल

कार्पोरेट जिहाद: कई कम्पनियों में चल रहा धर्मान्तरण का खेल

गर आपको लगता है कि आपके बगल में बैठा अब्दुल सेक्युलर है। सभी धर्म को समान रूप से देखा है। उसके सोशल मीडिया पोस्ट भी यही कहते हैं, तो यह आँखों का धोखा हो सकता है। हाल ही में नासिक टीसीएस की घटना ने झकझोड़कर रख दिया। इसके बाद अन्य कम्पनियों के भी हिन्दुओं के…

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श्री गुरु ग्रंथ साहिब: आध्यात्मिक ज्ञान और राष्ट्रीय एकसूत्रता का महान संदेश

भारत ऋषियों, मुनियों और तपस्वियों की धरती है। यहाँ वेद, गीता, रामचरितमानस जैसे कई धार्मिक ग्रंथों की रचना हुई। विश्व के प्रमुख धर्मग्रंथों में सबसे नवीन है गुरु ग्रंथ साहिब। न केवल आकार की दृष्टि से, बल्कि सामग्री के लिहाज से भी यह एक महत्त्वपूर्ण ग्रंथ है, जिसमें ईश्वर और मोक्ष के अलावा जीवन के…

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विभाजन से पूर्व पंजाब में संघ की निर्णायक तैयारी

विभाजन से पूर्व पंजाब में संघ की निर्णायक तैयारी

कांग्रेस नेता विभाजन को स्वीकार कर लेने वाले हैं अर्थात पाकिस्तान अब बनने ही वाला है, यह जानकारी मिलते ही वसन्तराव जी तुरन्त हवाई जहाज से दिल्ली से नागपुर पहुँचे। वहाँ उन्होंने सरसंघचालक श्री गुरुजी को यह बताया। श्री गुरुजी ने कहा कि “गान्धीजी के होते हुए ऐसा नहीं हो सकता, वे विभाजन कभी स्वीकार…

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कृष्ण की लीला और भीष्म का आशीर्वाद: द्रौपदी की रक्षा का अद्भुत प्रसंग

महाभारतका युद्ध प्रारम्भ हो गया था। सहसा एक रात्रिको धर्मराजके चरोंने समाचार दिया कि दुर्योधनके द्वारा उत्तेजित किये जानेपर भीष्मपितामहने प्रतिज्ञा की है कि कल वे समस्त सैन्यके साथ पाँचों पाण्डवोंको मार देंगे। पाण्डवोंमें अत्यन्त व्याकुलता फैल गयी। धर्मराजने श्रीकृष्णके पास अर्जुनको भेजा, किंतु रूखा उत्तर मिला। अन्तमें द्रौपदीने माधवके शिविरमें जाकर उनसे प्रार्थना की…

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'बस जीवित रहना, मरना नहीं': एक सत्याग्रही पिता की अमर वाणी

‘बस जीवित रहना, मरना नहीं’: एक सत्याग्रही पिता की अमर वाणी

मेरे पिताजी श्री सुगन्धचन्द कावड़िया बदनावर में बस अड्डे के पास होटल चलाते थे। वे पहलवान थे। वे तथा उनके एक मित्र साण्डू पहलवान दोनों मिलकर बदनावर में तीन-चार अखाड़े चलाते थे। अखाड़ों में कुश्ती के साथ-साथ मलखम्ब, तलवार, गतका आदि का भी अभ्यास किया जाता था। पिताजी अपने होटल से ही पहलवानों को खूब…

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पाषाण को छूते ही निकलती है मधुर धुन… उज्जैन में सरंक्षित 11वीं सदी की अद्भुत प्रतिमा आज भी गा रही कृष्णवंश की वैभव गाथा

उज्जैन की मिट्टी में श्रीकृष्ण की कथा केवल सांदीपनि आश्रम तक सीमित नहीं है। हजारों वर्षों से चली आ रही कृष्ण-स्मृति यहां के मंदिर, तीर्थ और पुरातात्विक अवशेषों में अलग-अलग रूपों में दिखाई देती है। कृष्ण की कुल परंपरा का एक ऐसा ही अद्भुत अध्याय गढ़कालिका मंदिर के समीप स्थित श्री विष्णु चतुष्टिका में एक…

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धर्म के आचरण से ही मानव जाति का कल्याण संभव – डॉ. मोहन भागवत जी

धर्म के आचरण से ही मानव जाति का कल्याण संभव – डॉ. मोहन भागवत जी

चांदवड तहसील के ‘णमोकार’ में पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव; विविधता में एकता ही भारत की शक्ति मलसाणे (णमोकार) जिला नासिक, १० फरवरी। मलसाणे (तहसील चांदवड) स्थित ‘णमोकार’ तीर्थक्षेत्र में आयोजित दिगंबर जैन पंथ के अंतरराष्ट्रीय पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि “धर्म का मार्ग छोड़कर भौतिकवाद…

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भगिनी निवेदिता : भारतीय संस्कृति और समाज सेवा की प्रेरणा

भगिनी निवेदिता : भारतीय संस्कृति और समाज सेवा की प्रेरणा

अनंत यात्री भारतीय समाज और संस्कृति की महान सेविका भगिनी निवेदिता ने अपना सम्पूर्ण जीवन भारत की सेवा और उसकी सांस्कृतिक धरोहर के उत्थान में समर्पित कर दिया। उनका जन्म 28 अक्टूबर, 1867 को आयरलैण्ड के डंगैनन में हुआ। उनका वास्तविक नाम मार्गरेट एलिजाबेथ नोबल था। स्वामी विवेकानन्द के मार्गदर्शन और प्रेरणा से मार्गरेट ने…

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